मानसून की विदाई पर सूखे की आहट: 12.6% कम बारिश के साथ बीता सीजन, पंजाब और बिहार में गहराया संकट
नई दिल्ली:
देश से मानसून की विदाई के साथ ही सूखे के चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। मानसून 2026 सीजन सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश के साथ आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। मौसम विज्ञान के आंकड़ों के मुताबिक, यह भारत के इतिहास का 13वां सबसे सूखा और साल 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून सीजन साबित हुआ है। देश के लगभग 43% जिलों (करीब 282 जिले) में सामान्य से 20 से 72 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इस साल अल नीनो के साए के कारण 11 बड़े राज्यों में खेती-किसानी और जल भंडारण पर तगड़ा असर पड़ा है। सबसे गंभीर स्थिति उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में देखने को मिली है।
बारिश की कमी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य:
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पंजाब: सामान्य से 41% कम वर्षा।
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बिहार: सामान्य से 32% कम बारिश।
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कर्नाटक: 30.3% की भारी गिरावट।
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आंध्र प्रदेश: 24.3% की कमी।
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हरियाणा व राजस्थान: क्रमशः 23.4% और 21.8% कम बारिश।
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महाराष्ट्र व गुजरात: महाराष्ट्र में 19% और गुजरात में 10.1% की कमी दर्ज हुई।
आश्चर्यजनक रूप से अत्यधिक बारिश के लिए विख्यात मेघालय में सामान्य से 60 फीसदी तक कम पानी बरसा, वहीं पूर्वोत्तर भारत में 1901 के बाद से अब तक की सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके विपरीत पूर्वी भारत में केवल ओडिशा ऐसा राज्य रहा, जहां सामान्य से 30 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई।
राहत की बात यह रही कि सितंबर के अंतिम हफ्ते में सामान्य से 50% अधिक बारिश होने के चलते आंकड़े कुछ सुधरे, जिससे सूखे का दायरा थोड़ा सिमट गया। हालांकि, देश के 150 प्रमुख जलाशयों में पानी का कुल भंडारण 71% ही भर पाया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी कम है और आने वाले दिनों में जल संकट की चुनौती खड़ी कर सकता है।